FY26 में भारत की GDP ग्रोथ 6.3% तक घटाई गई: विश्व बैंक
विश्व बैंक ने हाल ही में FY26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6.3% कर दिया है। यह कटौती वैश्विक आर्थिक कमजोरी और व्यापारिक अनिश्चितताओं के कारण की गई है। भारत, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, अब वैश्विक आर्थिक दबावों का सामना कर रहा है।

वैश्विक आर्थिक कमजोरी और भारत पर प्रभाव
FY26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान पहले 6.6% था, जिसे अब घटाकर 6.3% कर दिया गया है। इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
- वैश्विक आर्थिक कमजोरी: अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है।
- व्यापारिक अनिश्चितताएं: वैश्विक व्यापार में गिरावट और बढ़ते टैरिफ (Tariffs) ने भारतीय निर्यात को प्रभावित किया है।
- भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य भू-राजनीतिक मुद्दों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बाधित किया है।
इन कारकों के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग (Domestic Demand) और सरकारी निवेश (Government Spending) भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद करेंगे।
भारत की अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक संभावनाएं
भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। Deloitte Insights के अनुसार, FY25 और FY26 के बीच भारत की GDP ग्रोथ 6.7% से 7.3% के बीच रह सकती है। इसके अलावा, PHDCCI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2026 तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
हालांकि FY26 के लिए ग्रोथ अनुमान में कटौती की गई है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक संभावनाएं (Long-Term Prospects) अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी आर्थिक वृद्धि बनाए रखने के लिए घरेलू निवेश (Domestic Investment) और निजी खपत (Private Consumption) को बढ़ावा देना होगा।
