शुक्रवार की सुबह दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए। यह झटके हल्के थे, लेकिन लोगों में डर का माहौल बन गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। हालांकि, किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

भूकंप के झटके क्यों आते हैं?
भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) के खिसकने या टकराने के कारण आते हैं। जब ये प्लेट्स अपनी जगह से खिसकती हैं, तो ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जो भूकंप के रूप में महसूस किया जाता है। दिल्ली और एनसीआर (NCR) क्षेत्र सिस्मिक जोन IV में आता है, जो इसे भूकंप के लिहाज से संवेदनशील बनाता है।
दिल्ली में भूकंप का इतिहास
दिल्ली में भूकंप के झटके पहले भी कई बार महसूस किए गए हैं। 2020 में, लॉकडाउन के दौरान, दिल्ली-एनसीआर में कई बार हल्के भूकंप के झटके आए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र एक सक्रिय सिस्मिक जोन (Seismic Zone) में आता है, जहां भूकंप आने की संभावना हमेशा बनी रहती है।
भूकंप के दौरान क्या करें?
भूकंप के दौरान सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए:
- किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे छिपें।
- खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहें।
- अगर आप बाहर हैं, तो खुले स्थान पर जाएं और इमारतों से दूर रहें।
- लिफ्ट का उपयोग न करें।
