हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 22 स्थानों पर भूस्खलन और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके चलते 390 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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भारी बारिश और भूस्खलन का असर
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इस बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। खासकर शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में स्थिति ज्यादा गंभीर है।
390 सड़कें बंद, यातायात प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 390 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें से कई सड़कें प्रमुख राजमार्ग हैं, जो पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग हैं। हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, सड़कें खोलने का काम जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण इसमें देरी हो रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा अधिक है।
पर्यटकों के लिए चेतावनी
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण पर्यटकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राज्य के कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों जैसे मनाली, शिमला और धर्मशाला में सड़कें बंद होने और भूस्खलन के कारण यात्रा करना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
प्रशासन की तैयारी
राज्य सरकार और प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
