दिल्ली हाई कोर्ट में OpenAI ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है कि ChatGPT भारतीय कॉपीराइट कानून के तहत शासित नहीं है। यह बयान तब आया जब कोर्ट में ChatGPT द्वारा उत्पन्न सामग्री के कॉपीराइट से जुड़े एक मामले की सुनवाई हो रही थी। OpenAI ने कहा कि ChatGPT का संचालन और इसकी सामग्री भारतीय कॉपीराइट कानून के दायरे में नहीं आती, क्योंकि यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडल है, जो मानव द्वारा संचालित नहीं है।

क्या है मामला?

यह मामला ChatGPT द्वारा उत्पन्न सामग्री के कॉपीराइट से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि ChatGPT द्वारा उत्पन्न सामग्री उनके कॉपीराइट का उल्लंघन करती है। हालांकि, OpenAI ने कोर्ट में यह स्पष्ट किया कि ChatGPT केवल एक टूल है, जो उपयोगकर्ताओं के इनपुट के आधार पर सामग्री उत्पन्न करता है। OpenAI ने यह भी कहा कि ChatGPT का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को सहायक सामग्री प्रदान करना है, न कि किसी के कॉपीराइट का उल्लंघन करना।

OpenAI का पक्ष

OpenAI ने कोर्ट में कहा कि ChatGPT को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोग किए गए डेटा का चयन और उपयोग एक जटिल प्रक्रिया है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों और कानूनी ढांचे के तहत की जाती है। OpenAI ने यह भी कहा कि ChatGPT द्वारा उत्पन्न सामग्री पर उपयोगकर्ता का अधिकार होता है, न कि OpenAI का। यह OpenAI की Content Policy और Terms of Use में भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित है।

भारतीय कॉपीराइट कानून और AI

भारतीय कॉपीराइट कानून के तहत, केवल मानव द्वारा बनाई गई सामग्री को ही कॉपीराइट सुरक्षा मिलती है। AI द्वारा उत्पन्न सामग्री को वर्तमान में भारतीय कानून के तहत कॉपीराइट सुरक्षा नहीं दी जाती। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भारतीय कानून में AI और कॉपीराइट से जुड़े मुद्दों पर एक नई बहस को जन्म दे सकता है।

अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी AI और कॉपीराइट से जुड़े मुद्दे विवाद का विषय बने हुए हैं। उदाहरण के लिए, न्यूयॉर्क टाइम्स ने OpenAI पर यह आरोप लगाया है कि ChatGPT को प्रशिक्षित करने के लिए उनके कॉपीराइटेड सामग्री का उपयोग किया गया। इसी तरह, कई अन्य देशों में भी AI द्वारा उत्पन्न सामग्री के कॉपीराइट पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

OpenAI का यह बयान कि ChatGPT भारतीय कॉपीराइट कानून के तहत शासित नहीं है, एक महत्वपूर्ण कानूनी और तकनीकी मुद्दा है। यह मामला न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर AI और कॉपीराइट से जुड़े कानूनों को प्रभावित कर सकता है।

 

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