हाल ही में China ने Pakistan को एक बड़ा झटका दिया है। अमेरिका ने TRF (The Resistance Front) को Global Terror Outfit घोषित कर दिया है। इसके साथ ही, चीन ने भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। यह खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

अमेरिका ने TRF को Global Terror Outfit घोषित करते हुए इसे कश्मीर में हुए Pahalgam Attack से जोड़ा है। इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। TRF को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन माना जाता है, और इसे Lashkar-e-Taiba का एक फ्रंटल ग्रुप कहा जाता है।

China का Pakistan से किनारा

चीन, जो पाकिस्तान का सबसे करीबी सहयोगी माना जाता है, ने इस बार पाकिस्तान का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह कदम उसकी वैश्विक छवि को सुधारने और अमेरिका के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।

चीन ने इस मुद्दे पर एक संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि वह आतंकवाद के खिलाफ है और किसी भी आतंकी संगठन का समर्थन नहीं करता। यह बयान पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वह हमेशा से चीन को अपना सबसे बड़ा सहयोगी मानता आया है।

TRF और Pahalgam Attack का कनेक्शन

अमेरिका ने TRF को Pahalgam Attack के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इस हमले में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे। TRF को Lashkar-e-Taiba का एक हिस्सा माना जाता है, जो पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध है।

विशेषज्ञों का कहना है कि TRF का गठन कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। यह संगठन सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम करता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिका के इस कदम का कई देशों ने समर्थन किया है। भारत ने भी TRF को Global Terror Outfit घोषित करने के फैसले का स्वागत किया है। भारत लंबे समय से TRF और अन्य पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इस फैसले की आलोचना की है और इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। पाकिस्तान का कहना है कि वह आतंकवाद के खिलाफ है और किसी भी आतंकी संगठन का समर्थन नहीं करता।

China और Pakistan के रिश्तों पर असर

चीन के इस कदम से पाकिस्तान और चीन के रिश्तों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, दोनों देश आर्थिक और सामरिक साझेदारी में जुड़े हुए हैं, लेकिन इस मुद्दे पर चीन का रुख पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह कदम उसकी वैश्विक रणनीति का हिस्सा है। चीन अब अपनी छवि को सुधारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में चीन और पाकिस्तान के रिश्ते किस दिशा में जाते हैं।

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