यह दिल दहला देने वाली वारदात पुरी के बलिहरचंडी मंदिर के पास बीच एरिया में हुई, जहां कपल बैठा था। उन्हें स्थानीय युवकों के एक ग्रुप ने घेर लिया, फोटो–वीडियो लिए और पैसे मांगे। इनकार पर लड़के को पीटा, पेड़ से बांधा गया और 19 साल की छात्रा से दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चौथे की तलाश में मैनहंट जारी है।ओडिशा पुरी बीच गैंगरेप मामले में शुरुआती जांच से जो सिलसिला सामने आया, उसके मुताबिक वारदात शनिवार दोपहर के करीब हुई। कपल बलिहरचंडी मंदिर के पास बैठा था, तभी कुछ स्थानीय युवक पहुंचे, दोनों की फोटो और वीडियो बनाए और उन्हें पैसे देने के लिए दबाव डाला। जब कपल ने मना किया तो आरोपियों ने लड़के को मारा-पीटा और उसे पेड़ से बांध दिया, जबकि दो युवकों ने बारी-बारी से छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने घोर मानसिक सदमे के बीच सोमवार को शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद केस दर्ज हुआ और कार्रवाई तेज की गई।पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। चौथे आरोपी की तलाश के लिए छापेमारी और मैनहंट जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद टीमों को संभावित ठिकानों पर लगाया गया है, ताकि फरार आरोपी को भी जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। क्या आपने भी ऐसे सुनसान बीच या धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा को लेकर चिंता महसूस की है? नीचे कमेंट में बताइए—क्योंकि आपकी आवाज नीति-निर्माताओं और स्थानीय प्रशासन तक पहुंचती है।इस वारदात का लोकेशन—बलिहरचंडी (Baliharchandi) मंदिर के नजदीक बीच—खास तौर पर चर्चे में है, क्योंकि यहां कपल्स और पर्यटक फैमिलीज भी आते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पहले फोटो–वीडियो बनाकर हटाने के नाम पर पैसे मांगे। यह पैटर्न बताता है कि ऐसे गैंग पहले ब्लैकमेल की कोशिश करते हैं और विरोध होने पर हिंसक हो जाते हैं। पुलिस के अनुसार, लड़के पर हमला और उसे पेड़ से बांधने का मकसद प्रतिरोध खत्म करना था—ताकि अपराध को अंजाम देना आसान हो।समयरेखा और तथ्य एक नज़र में:+

  • कब: शनिवार दोपहर के आसपास; शिकायत सोमवार को दर्ज हुई।
  • कहाँ: बलिहरचंडी मंदिर के पास, पुरी बीच क्षेत्र।
  • क्या हुआ: फोटो–वीडियो बनाकर पैसे मांगे; इनकार पर लड़के को पीटा, पेड़ से बांधा; दो युवकों ने दुष्कर्म किया।
  • पुलिस कार्रवाई: तीन गिरफ्तार; चौथे की तलाश में मैनहंट जारी।

यह अकेला मामला नहीं है। इसी साल ओडिशा के गांजम जिले के गोपालपुर बीच पर भी एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था, जिसने राज्य भर में गुस्सा भड़का दिया था। सवाल यही है—समुद्री तटों और सुनसान स्पॉट्स पर गश्त, सीसीटीवी, और त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत कैसे किया जाए? क्या आप बीच और टूरिस्ट स्पॉट्स पर अधिक पुलिस विजिबिलिटी और इमरजेंसी SOS प्वाइंट्स चाहते हैं?इस केस में इंसाफ की रफ्तार बढ़ाने के लिए जरूरी है कि फॉरेंसिक एविडेंस की कस्टडी चेन सख्ती से मेंटेन हो, सर्विलांस फुटेज (यदि उपलब्ध) तुरंत सील किए जाएं, और पीड़िता को ट्रॉमा काउंसलिंग तथा विधिक सहायता तुरंत मिले। पुलिस की शुरुआती कार्रवाई—तुरंत गिरफ्तारी और चौथे आरोपी के खिलाफ मैनहंट—सही दिशा में कदम है, लेकिन फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़े दंड से ही यह संदेश जाएगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं।पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए कुछ बुनियादी सावधानियां भी कारगर हो सकती हैं—इंसुलेटेड, सुनसान स्पॉट्स पर देर तक न रुकें, इमरजेंसी हेल्प के लिए अपने लोकेशन और लाइव स्टेटस भरोसेमंद लोगों से शेयर रखें, और किसी भी तरह की धमकी–ब्लैकमेल की घटना पर तुरंत डायल करें। लेकिन याद रखिए, जिम्मेदारी सिर्फ नागरिकों की नहीं—सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य और स्थानीय प्रशासन की प्राथमिक ड्यूटी है। क्या आपको लगता है कि पुरी बीच कॉरिडोर में पुलिस पेट्रोलिंग और स्मार्ट लाइटिंग बढ़ानी चाहिए? अपनी राय ज़रूर लिखें।

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