
चीन की प्रतिक्रिया
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका से तुरंत इन टैरिफ को हटाने की मांग की। मंत्रालय ने कहा, “अगर अमेरिका अपनी जिद पर अड़ा रहता है, तो चीन अपनी वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं एक गहरे व्यापार युद्ध में उलझी हुई हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बड़ा असर पड़ सकता है [[3]] [[6]].
व्यापार युद्ध का प्रभाव
ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए इन टैरिफ का उद्देश्य अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करना और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना है। हालांकि, चीन ने इन टैरिफ को “अवैध” और “अनुचित” बताया है। इसके जवाब में, चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों और रक्षा-तकनीक से जुड़े सामानों पर आयात शुल्क और निर्यात प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है। यह कदम अमेरिकी किसानों और तकनीकी उद्योगों पर सीधा प्रभाव डाल सकता है [[5]] [[8]].
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
चीन के अलावा, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने भी ट्रंप के इस कदम की आलोचना की है। यूरोपीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि यह व्यापार युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के टैरिफ से न केवल अमेरिका और चीन के बीच व्यापार संबंध खराब होंगे, बल्कि यह वैश्विक व्यापार संतुलन को भी बिगाड़ सकता है [[9]] [[10]].
चीन का काउंटरमेजर्स
चीन ने संकेत दिया है कि वह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने, अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने और अन्य आर्थिक उपायों के माध्यम से जवाब देगा। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चीन “अपनी अर्थव्यवस्था और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।” यह कदम अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध को और गहरा कर सकता है [[2]] [[7]].
