Lucknow Super Giants (LSG) के प्रशंसकों के लिए IPL 2026 वाकई निराशाजनक रहा। तीसरी बार लगातार टीम लीग चरण से आगे नहीं गई और प्लेऑफ का सपना एक बार फिर टूट गया। IPL के इतिहास में LSG अकेली एसी टीम है जिसने तीन सीज़न खेले और तीनों बार लीग स्तर पर ही रुक गई। लखनऊ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर किसी घाव से कम नहीं है।

LSGLSG की मैनेजमेंट से लेकर टीम चयन तक, कई जगह सवाल उठते हैं। Mega Auction 2025 के बाद टीम ने जिन खिलाड़ियों पर बड़ा पैसा लगाया, वे Tournament में चमके नहीं। Nicholas Pooran और Deepak Hooda जैसे खिलाड़ी ठीक होने वाले समय में मैदान पर नहीं दिखे। Skipper और Coaching Staff के बीच तालमेल की कमी तो निश्चित थी। अगर अगले सीज़न में LSG को वाकई बदलाव करना है तो सेलेक्शन और Planning में मूलभूत बदलाव जरूरी होगा।

एक और बड़ी समस्या Pitch Conditions के अनुसार Playing XI नहीं चुनने की थी। कहीं तेज़ विकेट पर स्पिनर ज्यादा, कहीं Slow Track पर शुद्ध Pace Attack इससे Team Balance बिगड़ गई। Batting और Bowling दोनों में एक साथ डिपार्टमेंट का फेल होना IPL में किसी टीम के लिए बाहर होने की सबसे बड़ी वजह है।

अब सवाल उठता है कि LSG आगे क्या करेगी। फ्रेंचाइज़ के मालिक RPSG Group ने अबतक बड़ा निवेश किया है, लेकिन नतीजे नहीं आए। IPL 2027 से पहले Mega Auction हो सकती है। अगर एसा हुआ तो LSG के पास अपनी टीम को पूरी तरह नए सिरे से बनाने का मौका होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, अगर LSG ने अपनी Opening Partnership सुधारी और Middle Order को मजबूत किया तो Playoffs का सपना हकीकत बन सकता है।

लखनऊ के प्रशंसक अंत तक टीम के साथ रहे। Ekana Cricket Stadium में हर Home Match में दर्शकों ने पौरी सीटें भरीं और अपनी टीम का हौसला बढ़ाया। लेकिन मैदान पर टीम ने उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी। आशा है कि अगला IPL Season लखनऊ के लिए लकीला साबित होगा। LSG के पास संसाधन हैं, जरूरत है तो बस सही रणनीति और निरंतर प्रदर्शन की। 2Management और Planning में कहां हुई चूक

026: आंकड़े क्या कहते हैं

IPL 2026 के लीग चरण में LSG ने 14 मैचों में 7 जीते और 7 हारे, जो प्लेऑफ के लिए काफी नहीं थे। टीम का Net Run Rate ’ भी नकारात्मक रहा, जिसने मुश्किल समय में ड़ूबने का काम किया। शुरुआती मैचों में लगातार हार ने टीम की रेस लगभग शुरू में ही खत्म कर दी। सबसे बड़ी समस्या रही निरंतर ओपनर्स का जम ना पाना। Marcus Stoinis और KL Rahul की जोड़ी कभी जमी, कभी टूटी। मध्य क्रम बहुत कमज़ोर रहा और बड़े स्कोर बनाने में नाकामी रही।

गेंदबाजी विभाग में भी हालत अच्छी नहीं रही। Ravi Bishnoi ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन तेज़ गेंदबाज़ों ने लगातार रन दिए और हार की नोबत बंधी। तीन सालों से प्लेऑफ ना पहुंचने का यह सिलसिला एक निराशाजनक रिकॉर्ड बन गया है।

 

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