असम की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। हिमंत बिस्वा शर्मा ने दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी के सरুसजाई स्टेडिम में आयोजित शपथ समारोह में BJP नेताओं की भारी भीड़ जुटी और देशभर से बड़े नेता इस कार्यक्रम में शामिल हुए। यह शपथ सिर्फ एक रस्म नहीं थी, बल्कि नॉर्थ ईस्ट में BJP की बढ़ती ताकत का संदेश है।

हिमंत का राजनीतिक सफर: कांग्रेस से BJP तक का सफर

हिमंत बिस्वा शर्मा का सफर काफी नाटकीय रहा है। कभी वे कांग्रेस के दिग्गज नेता थे, कभी गोपाल कृष्ण गांधी के करीबी माने जाते थे। 2015 में उन्होंने BJP जोइन की और तब से नॉर्थ ईस्ट में पार्टी का चेहरा बन गए। 2021 में पहली बार CM बनने के बाद उन्होंने असम में कानून-व्यवस्था और विकास दोनों मोर्चों पर काम किया। इसी काम की बदौलत जनता ने उन्हें दोबारा मौका दिया।

BJP की नॉर्थ ईस्ट रणनीति और हिमंत की भूमिका

BJP के लिए नॉर्थ ईस्ट हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। इस इलाके में 7 राज्य आते हैं और आज इनमें से 6 में BJP या उसके सहयोगी दलों की सरकार है। हिमंत विश्वा शर्मा सिर्फ असम के CM नहीं, बल्कि पूरे नॉर्थ ईस्ट के BJP संयोजक के रूप में काम करते हैं। उनकी रणनीति से BJP ने मणिपुर, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और सिक्किम में भी अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। हिमंत के कार्यकाल में असम में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई, ULF के साथ शांति वार्ता और नागरिकां के लिए सीधी प्रशासनिक पहुंच जैसे कदम उठाए गए।

इस नतीजे ने विपक्षी दलों को मुश्किल में डाल दिया है। कांग्रेस और AIUDF जैसे दल असम में अपनी राजनीतिक जलभूमि खो रहे हैं। हिमंत ने सामाजिक और अार्थिक विकास की जो तस्वीर पेश की है, उसने असम की जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को कई गुना बढ़ाया है।

2026 के विधानसभा चुनाव में BJP ने 126 में से 78 सीटें जीतीं, जो एक शानदार बहुमत है। इस जीत ने साबित कर दिया कि हिमंत विश्वा शर्मा असम के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए, जिसने इस अवसर की अहमियत और बढ़ा दी।

हिमंत बिस्वा शर्मा के सामने अब बड़ी जिम्मेदारी है। असम में बाफ़़ की समस्या, बेरोज़गारी, बुनियादी ढांचा और सीमावर्ती नदियों के लीक जैसी चुनौतियां उनका इंतजार कर रही हैं। उनका पहला कार्यकाल बेहतर रहा, लेकिन दूसरे कार्यकाल में बड़े सुधार और विकास के कामों को और गति देनी होगी। असम की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और उन्हें उम्मीद है कि अगले 5 साल में राज्य और आगे बढ़ेगा।

हिमंत बिस्वा शर्मा का प्रशासनिक अनुभव बहुत गहरा है। वे कई विभागों के मंत्री रह चुके हैं और राज्य सरकार की बारीकियों को वे पूरी तरह समझते हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन में उनकी सरकार ने काफी काम किया है। असम में बाफ़़ विसर्जन और नदी कटाव की समस्या हर साल हजारों लोगों को प्रभावित करती है। इसके समाधान के लिए हिमंत सरकार ने Central Government के साथ मिलकर कई परियोजनाएं शुरू की हैं।

असम की अर्थव्यवस्था में Tea Industry की बड़ी भूमिका है। हिमंत सरकार ने चाय बागान कामगारों के लिए नई योजनाएं लाई हैं। उनकी मजदूरी और सुविधाओं में सुधार करने की कोशिश की गई है। इससे ग्रामीण असम में BJP की लोकप्रियता बढ़ी है। दूसरी तरफ शहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हिमंत सरकार ने Smart City और Digital Infrastructure पर ध्यान दिया है।

सईद करों की जनता हिमंत शर्मा से बड़ी उम्मीदें रखती है। अगले पांच साल असम के लिए निर्णायक होंगे। Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में BJP नॉर्थ ईस्ट में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश करती रहेगी। यह शपथ सिर्फ एक राज्य के नेता की कामयाबी नहीं, बल्कि देश के सबसे संवेदनशील कोने में लोकतंत्र की जड़ां को मजबूत करने का प्रमाण है।

असम में Flood Management एक बड़ी चुनौती है जिसे हिमंत सरकार ने जी जान से लिया है। Brahmaputra नदी हर साल अपनी मूर्तिमत्ता बदलती है और लाखों लोगों को विस्थापित करती है। पिछले वर्षों में सरकार ने Embankment Strengthening और Early Warning System पर क्रम्श: काम किया है। इससे बाढ़ पीड़ितों की तकलीफ कुछ हद तक कम हुई है।

অসমের যুবাদের लिए Education और Employment दो प्रमुख मुद्दे हैं। हिमंत सरकार ने Skill Development और Startup ईकोसिस्टम में निवेश किया है ताकि पढ़े-लिखे युवा रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में ना जाएं। असम में उद्योग और पर्यटन के विस्तार की पार्ती भी हिमंत सरकार की योजनाओं में शामिल है। Kaziranga National Park और Majuli जैसे पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय बनाना उनके एजेंडे में है।

 

Share.