NEET UG 2026 रद्द होने की खबर ने देश के लाखों मेडिकल छात्रों के सपनों को एक झटके में तोड़ दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 13 मई 2026 को होने वाली इस परीक्षा को परीक्षा से ठीक पहले रद्द करने का फैसला किया, क्योंकि पेपर लीक होने की पुख्ता सूचनाएं मिली थीं। पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है और छात्र सड़कों पर उतर आए हैं।
NEET UG 2026 Paper Leak: पेपर लीक की खबर कैसे आई
13 मई की परीक्षा से एक रात पहले, कई संदिग्ध टेलीग्राम चैनलों और व्हाट्सएप ग्रुपों पर NEET UG 2026 के पेपर वायरल होने लगे। इंटेलिजेंस इनपुट मिलते ही NTA ने तत्काल फैसला लेते हुए परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। शिक्षा मंत्रालय ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी है। सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन छात्रों का सवाल है कि आखिर यह सब बार-बार क्यों होता है।
लाखों छात्रों पर क्या असर पड़ा
NEET UG 2026 में देशभर से 24 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। अकेले मध्य प्रदेश में 14,000 से ज्यादा छात्र इस परीक्षा देने के लिए तैयार थे। हर छात्र ने महीनों की कोचिंग, लाखों रुपये और अनगिनत रातों की नींद इस एक परीक्षा के लिए खर्च की थी। परीक्षा रद्द होने से न सिर्फ छात्र बल्कि उनके माता-पिता भी टूट से गए हैं। MBBS की एक सीट के लिए होने वाली यह परीक्षा किसी एक परीक्षा नहीं, बल्कि एक परिवार के सपने का नाम है।
दिल्ली से MP तक प्रदर्शन, NSUI ने किया हंगामा
खबर फैलते ही राजधानी दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के बाहर NSUI कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और करीब 25 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा जायज है क्योंकि यह पहली बार नहीं हो रहा। 2024 में भी NEET paper leak के बाद देश में बड़ा विवाद उठा था।
2024 के बाद 2026 में फिर वही गलती
2024 में NEET पेपर लीक के बाद सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा था। तब सरकार ने कड़े सुधारों का वादा किया था। डिजिटल लॉकिंग से लेकर सुरक्षित परिवहन तक कई कदम उठाने की बात कही गई थी। लेकिन 2026 में फिर वही हुआ। यह व्यवस्था की विफलता है, जिसकी कीमत लाखों निर्दोष छात्र चुका रहे हैं।
NTA पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का काम देशभर के छात्रों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा का आयोजन करना है। लेकिन दो साल के भीतर दो बार पेपर लीक यह बता रहा है कि व्यवस्था में कहीं बड़ी चूक है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया की जड़ से समीक्षा होनी चाहिए। सिर्फ जांच बैठाने से कुछ नहीं होगा, जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती।
अब आगे क्या होगा
शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जल्द ही नई परीक्षा तिथि का ऐलान किया जाएगा। CBI जांच के नतीजे जब तक सामने आएंगे, तब तक लाखों छात्रों की तैयारी अधर में लटकी रहेगी। छात्रों की मांग है कि परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और NTA की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए। देश के भविष्य के डॉक्टरों के साथ यह अन्याय बंद होना चाहिए।
