हाल ही में Turkey समर्थित एक Islamist Group ने ‘Greater Bangladesh’ का नक्शा जारी किया है, जिसमें भारत के कुछ हिस्सों को शामिल किया गया है। इस विवादित नक्शे ने भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। इस आर्टिकल में हम इस नक्शे के पीछे की मंशा, इसके प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर चर्चा करेंगे।

‘Greater Bangladesh’ नक्शा: क्या है विवाद?

‘Greater Bangladesh’ का नक्शा एक विवादित दस्तावेज है, जिसमें भारत के पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है। यह नक्शा Turkey समर्थित Islamist Group द्वारा जारी किया गया है, जो बांग्लादेश की सीमाओं को विस्तार देने की मांग कर रहा है।

इस नक्शे में भारत के अलावा म्यांमार के कुछ हिस्सों को भी शामिल किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नक्शा क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है और भारत-बांग्लादेश के संबंधों को प्रभावित कर सकता है।

Turkey की भूमिका

Turkey लंबे समय से Islamist Groups का समर्थन करता रहा है। इस नक्शे को जारी करने में Turkey की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि Turkey इस तरह के कदमों के जरिए दक्षिण एशिया में अपनी राजनीतिक और धार्मिक पकड़ मजबूत करना चाहता है।

Turkey के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने हाल के वर्षों में कई बार मुस्लिम देशों के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश की है। यह नक्शा उसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने इस नक्शे को खारिज करते हुए इसे एक साजिश करार दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह के नक्शे का कोई ऐतिहासिक या कानूनी आधार नहीं है। भारत ने बांग्लादेश सरकार से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।

भारत के विशेषज्ञों का मानना है कि इस नक्शे का उद्देश्य भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव पैदा करना है। हालांकि, बांग्लादेश सरकार ने इस नक्शे से खुद को अलग कर लिया है और इसे एक गैर-सरकारी संगठन की हरकत बताया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस विवादित नक्शे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है। कई देशों ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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