23 मार्च 2025 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। पंचांग के अनुसार, यह दिन शुभ कार्यों के लिए कई अनुकूल मुहूर्त लेकर आया है। हिंदू धर्म में पंचांग का महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह तिथि, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता का निर्धारण करता है।अगर आप इस दिन कोई महत्वपूर्ण कार्य करने की योजना बना रहे हैं, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण संस्कार या नया व्यवसाय शुरू करना, तो पंचांग की जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।


23 मार्च 2025 का पंचांग (Panchang for 23 March 2025)

  • तिथि (Tithi): शुक्ल पक्ष तृतीया
  • वार (Day): रविवार
  • नक्षत्र (Nakshatra): अश्विनी
  • योग (Yoga): शोभन
  • करण (Karana): गर
  • सूर्योदय (Sunrise): सुबह 6:15 बजे
  • सूर्यास्त (Sunset): शाम 6:30 बजे
  • चंद्रमा की स्थिति (Moon Sign): मेष राशि
  • अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 12:05 से 12:55 तक
  • राहुकाल (Rahukal): शाम 4:30 से 6:00 बजे तक
  • दिशाशूल (Disha Shool): पश्चिम दिशा

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

23 मार्च 2025 को शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित समय उपयुक्त हैं:

  1. अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 12:05 से 12:55 तक। यह समय विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों के लिए आदर्श है।
  2. अमृत काल (Amrit Kaal): सुबह 10:15 से 11:45 तक। इस समय में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक होती है।
  3. ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat): सुबह 4:30 से 5:15 तक। यह समय ध्यान और पूजा के लिए सर्वोत्तम है।

अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)

कुछ समय ऐसे भी होते हैं, जिनमें शुभ कार्यों से बचना चाहिए। 23 मार्च 2025 को अशुभ समय निम्नलिखित हैं:

  1. राहुकाल (Rahukal): शाम 4:30 से 6:00 बजे तक। इस समय में कोई भी शुभ कार्य करने से बचें।
  2. यमगण्ड (Yamaganda): सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक।
  3. गुलिक काल (Gulika Kaal): दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक।

23 मार्च 2025 के पंचांग का महत्व (Significance of Panchang for 23 March 2025)

पंचांग का उपयोग शुभ और अशुभ समय का निर्धारण करने के लिए किया जाता है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण संस्कार या अन्य धार्मिक कार्यों की योजना बना रहे हैं।उदाहरण: यदि आप 23 मार्च 2025 को किसी नए व्यवसाय की शुरुआत करना चाहते हैं, तो अभिजीत मुहूर्त (12:05 से 12:55) का चयन करें। यह समय आपके कार्य में सफलता और समृद्धि लाने में सहायक होगा।


ध्यान देने योग्य बातें (Important Notes)

  1. दिशाशूल: पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो दही या गुड़ खाकर निकलें।
  2. चंद्रमा की स्थिति: चंद्रमा मेष राशि में है, जो ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह दिन नई शुरुआत के लिए अनुकूल है।
  3. पूजा और ध्यान: ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान और पूजा करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।
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