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इस बच्चे को नहीं है दोनों हाथ, फिर भी लिखता है, ऐसा है हुनर

इस बच्चे को नहीं है दोनों हाथ, फिर भी लिखता है, ऐसा है हुनर

इस बच्चे की उम्र 8 साल है, पर इसका शरीर और इसमें एक हुनर ऐसा है, जो भी देखता बस देखता ही रह जाता। ये है मोहाली के मोरिंडा का रहने वाला शब्दप्रीत। शिवनंदा स्कूल में पढ़ता है और दूसरी क्लास का स्टूडेंट है। हैरान करने वाली बात ये है कि शब्दप्रीत के जन्म से ही दोनों हाथ नहीं है। एक पांव भी नहीं है, बावजदू इसके वह लिखता है।

 शब्दप्रीत दोनों बाजुओं से पैंसिल पकड़कर लिखता है और उसकी हैंडराइटिंग ऐसी है, देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। शब्दप्रीत की मां लखवीर कौर बताती हैं कि जब शब्दप्रीत का जन्म हुआ तो देखकर पूरा परिवार परेशान हो गया।

 शब्दप्रीत तंदरुस्त था, लेकिन न तो दोनों हाथ थे और न ही एक पांव। परेशानी तो हुई, लेकिन मैंने और उसके पापा ने उसे नॉर्मल लाइफ देने का फैसला लिया। इसके लिए उसे स्कूल में एडमिशन दिलाया, जो काम वो करना चाहता करने दिया।

 शब्दप्रीत को उसकी स्कूल टीचर किरण शुक्ला ने लिखना सिखाया। सभी टीचरों ने उसे आम बच्चों की तरह ट्रीट किया। बता दें कि शब्दप्रीत अपनी मां का इकलौता सहारा है। उसके जन्म के करीब ढाई साल बाद पिता का देहांत हो गया था।

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