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बारातघर सीज करने पहुंचे निगम अमले का विरोध, तहसीलदार ने पहुंचकर कराया बंद

बारातघर सीज करने पहुंचे निगम अमले का विरोध, तहसीलदार ने पहुंचकर कराया बंद

शहर में बिना लाइसेंस के चल रहे बारातघरों को सीज करने की कार्रवाई गुरुवार को भी हुई। जिसमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर नगर निगम के अधिकारियों की टीम ने कार्रवाई की। शहर के पडऱा मोहल्ले में जेपी मार्ग में स्थित एसवीएस मैरिज गार्डन को सीज करने नगर निगम की टीम पहुंची तो वहां पर मौजूद मैरिज गार्डन के कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया और सीज करने से रोका। दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। जिसके चलते निगम के जोन प्रभारी एसके चतुर्वेदी ने घटना की जानकारी निगम आयुक्त सभाजीत यादव को दी।

आयुक्त ने कलेक्टर और एसपी से बात की, जिसके चलते मौके पर तहसीलदार और पुलिस की टीम पहुंच गई। प्रशासन की बढ़ती टीम को देखते हुए वहां पर मौजूद मैरिज गार्डन के कर्मचारी भाग खड़े हुए। जिसके बाद पंचनामा तैयार कर बारातघर को सीज किया गया। साथ ही उसमें नगर निगम ने अपना ताला लगा दिया है। निगम के जोन प्रभारी एसके चतुर्वेदी ने बताया कि उक्त बारातघर द्वारा नगर निगम को संपत्तिकर भी समय पर नहीं दिया जा रहा है। इस पर करीब पांच लाख रुपए से अधिक का टैक्स बकाया है। इसने पूर्व में टैक्स जमा करने के लिए चेक नगर निगम को दिया था जो बाउंस हो गया।

एसवीएस मैरिज गार्डन पर कार्रवाई करने में नगर निगम की टीम को काफी मशक्कत करना पड़ी। काफी देर तक एक ही स्थान पर अधिकारी, कर्मचारी रह गए। इसी तरह उसकी कुछ दूरी पर ही स्थित ओम मंडप गार्डन पर भी सीज करने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के दौरान दौरान नगर निगम के जोन प्रभारी एसके चतुर्वेदी, सहायक यंत्री राजेश मिश्रा, राजस्व निरीक्षक रावेन्द्र सिंह, उपयंत्री रमेश सिंह सहित कई अन्य मौजूद रहे।
- आवेदन करने वालों को दिया अवसर
नगर निगम की टीम लगातार बारातघरों में दबिश दे रही है। कुछ जगह वैवाहिक कार्यक्रम होने की वजह से उन्हें छोड़ा गया था। अब दोबारा कार्रवाई करने के लिए वहां पर टीम पहुंची तो लाइसेंस के लिए आवेदन करने के दस्तावेज दिखाए गए। बताया गया है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर उज्जैन नगर निगम द्वारा बनाए गए एक्ट को रीवा में भी लागू किया जा रहा है। उसकी सभी शर्तों को मानने वाले बारातघरों को ही लाइसेंस दिया जाएगा। बड़ी संख्या में ऐसे गार्डन हैं जो नियमों का किसी तरह से पालन नहीं कर रहे हैं।
- वैवाहिक सीजन में कार्रवाई से मचा हड़कंप
वैवाहिक सीजन में बारातघरों को सीज करने की कार्रवाई के चलते इनमें हड़कंप मचा हुआ है। कार्यक्रम करने वाले भी परेशान हैं क्योंकि पहले ही बारातघर बुक हो चुके थे। अब यदि उन्हें अवैध मानते हुए निगम बंद करेगा तो कार्यक्रम लोगों को प्रभावित होगा। इस वजह से बड़ी संख्या में लोग नगर निगम का चक्कर काटने के लिए पहुंचे थे। हर किसी का अपना अलग-अलग तर्क था। हाईकोर्ट में रीवा के बारातघरों को लेकर पैरवी कर रहे अधिवक्ता अनादि मिश्रा ने बताया कि अभी नगर निगम कार्रवाई कर रहा है और कोर्ट में जवाब पेश करेगा कि कितने बंद किए गए। इसके बाद याचिकाकर्ता भी कोर्ट को बताएंगे कि इसमें निगम की ओर से नियमों का कितना पालन किया गया है।

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