Random Posts

चार पॉवर प्लांट, 29 मिल और कबाड़ हो चुकीं गाड़ियाें को नीलाम कर 500 करोड़ जुटाएगी सरकार

कबाड़ हो चुकी सरकारी मशीन।

छत्तीसगढ़ पॉवर जनरेशन कंपनी की कोरबा स्थित 50-50 मेगावाट क्षमता के चार प्लांट व 29 राइस मिलों को नीलाम किया जाएगा
सरकार ने सभी विभागों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 31 मार्च से पहले ही कबाड़ की सूची बनाकर नीलाम करें

 वित्तीय संकट से जूझ रही सरकार ने बंद पॉवर प्लांट, मार्कफेड की राइस मिलों के अलावा विभागों की कंडम गाड़ियां, फर्नीचर व अन्य अनुपयोगी सामग्रियों को बेचने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ पॉवर जनरेशन कंपनी की कोरबा स्थित 50-50 मेगावाट क्षमता के चार प्लांट व 29 राइस मिलों को नीलाम किया जाएगा। कबाड़ से 500 करोड़ से ज्यादा जुटाने की तैयारी है। सरकार ने सभी विभागों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 31 मार्च से पहले ही कबाड़ की सूची बनाकर नीलाम करें। इसके बाद किसी भी विभाग के पास कबाड़ पाए जाने के बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। किसानों की कर्ज माफी, 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी, बिजली बिल हाफ, पंजीयन शुल्क में छूट जैसी योजनाओं से सरकार पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। सरकार ने अब विभागों में डंप कबाड़ को बेचकर फंड जुटाने का फैसला किया है।

एसीएस ने ली बैठख

इस संबंध में वित्त विभाग के भारसाधक मंत्री सीएम भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव आरपी मंडल को निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव ने वित्त विभाग के एसीएस को विभागों के साथ-साथ निगम-मंडलों के पास रखे कबाड़ को नीलाम करने के संबंध में बैठक लेने कहा था। एसीएस ने पहली बैठक ले ली है। सभी विभागों को कबाड़ की लिस्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। एसीएस की इस बैठक के बाद उद्योग संचालनालय ने अपने सभी सीजीएम व जीएम से अपने कार्यक्षेत्र के विभागों, निगम-मंडलों के अनुपयोगी सामग्रियों की एक सप्ताह के भीतर जानकारी इकट्ठा करने कहा है। कबाड़ की नीलामी के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी एमएसटीसी यानी मेटल स्क्रैप ट्रेड कार्पोरेशन के साथ अनुबंध किया है।

80 के दशक की गाड़ियां खराब

पीडब्ल्यूडी समेत अन्य निर्माण एजेंसियों के पास बरसों पुरानी गाड़ियां व उपकरण जमा हैं। पीडब्ल्यूडी के पास 79-80 के रोड रोलर, ट्रैक्टर, जीप, ट्रक के अलावा फावड़ा, घमेला भी हैं, जो अनुपयोगी हैं। इसके लिए सभी एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों को सभी अनुपयोगी सामग्रियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अफसरों का कहना है कि अलग-अलग दफ्तरों में होेने के कारण एक निश्चित राशि पता पाना मुश्किल है, लेकिन पीडब्ल्यूडी में ही लाखों का कबाड़ है। विभागों में दशकों पुराने कबाड़ हो चुके इन सामग्रियों की खरीदी का बिल बुक आदि नहीं होने कारण बेचने को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाता रहा है, लेकिन अब इन सामग्रियों को बेचने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। अलग-अलग विभागों में कम्प्यूटर, टाइपिंग मशीन, फर्नीचर से लेकर अन्य कई समान हैं, जो कि उपयोग में नहीं रहे हैं। इसके लिए सभी विभागों और निगम मंडलों में बैठकों का दौर चल रहा है।

अक्टूबर में ही कैबिनेट ने लिया था नीलाम करने का फैसला

जानकारी के मुताबिक पॉवर जनरेशन कंपनी के 50-50 मेगावॉट के 4 प्लांट बंद हो चुके हैं। इन्हें बेचने राज्य कैबिनेट ने 24 अक्टूबर को ही मंजूरी दे दी थी। ये प्लांट 50 साल पुराने थे। इनसे बिजली उत्पादन भी कई साल से बंद हैं। पुराने डिजाइन की मशीनरी अब किसी उपयोग की नहीं है। इसको बेचने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। पॉवर कंपनी ने भी प्लांट की मशीनरी आदि की सूची तैयार की जा रही है। डीपीआर बनाने का चल रहा है और एमएसटीसी के माध्यम से कबाड़ हो चुके मशीनरी की नीलामी की जाएगी। मार्कफेड की 29 से अधिक राइस मिलों की मशीनरी की भी नीलामी की तैयारी की जा रही है। ये राइस मिल बरसों से बंद हो चुके हैं। मशीनरी भी दशकों पुरानी हो चुकी है। ये अब किसी उपयोग की नहीं रह गई है। मार्कफेड के अफसरों ने कई बार सरकार से गुहार भी लगाई थी, तब कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब जाकर इस दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ