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भाकपा ने आजमगढ़ के बिलरियागंज में पुलिस की बहशियाना कार्यवाही की निन्दा



लखनऊ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी- मार्क्सवादी एवं लोकतान्त्रिक जनता दल की उत्तर प्रदेश राज्य इकाइयों ने जनपद आजमगढ़ के बिलरियागंज में सीएए, एनपीआर एवं एनआरसी के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना देरहे महिलाओं एवं पुरुषों पर दमन और अत्याचार की कड़े शब्दों में निन्दा की है। एक प्रेस बयान में तीनों दलों के नेताओं ने कहाकि गत दिन बिलरियागंज में धरना देरहे लोगों पर पुलिस ने बहशियाना ढंग से लाठीचार्ज किया, भीषण ठंड में पानी की बौछार की और उन्हें धरना स्थल से जबरिया खदेड़ दिया। दर्जन भर से ज्यादा लोगों जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं को गंभीर चोटें आयीं हैं। कई दर्जन लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है जिनमें से कई को गिरफ्तार किया गया है। अब उनसे क्षति की भरपाई के नाम पर भारी धनराशि बसूलने की तैयारी है। तीनों दलों के नेताओं ने कहाकि उत्तर प्रदेश में योगीराज दमन का पर्याय बन गया है। इससे पहले भी इटावा, रायबरेली, संभल आदि दर्जन भर स्थानों से पुलिस दमन के जरिये धरनों को जबरिया समाप्त करा दिया गया। पता नहीं 56 इंच के सीने वाली सरकार शांतिपूर्ण धरनों से क्यों डरी हुयी है। एक ओर शासक दल अपने कार्यक्रमों को लगातार अंजाम देरहा है, वहीं विपक्ष के कार्यक्रमों को दफा 144 लगाकर बाधित किया जारहा है। भौंडा तर्क दिया जारहा है कि संसद द्वारा पारित कानून का विरोध नहीं किया जाना चाहिये। यह बात वह पार्टी कह रही है जो विपक्ष में रहते हुये संसद द्वारा पारित अच्छी से अच्छी बात का विरोध करती रही है। सच तो यह यूपी सरकार की ज्यादतियों ने आपातकाल को बहुत पीछे छोड़ दिया है।
नेताओं ने मांग की कि बिलरियागंज सहित प्रदेश के तमाम हिस्सों में आंदोलनकारियों पर लगाए गये फर्जी मुकदमे वापस लिये जायें, म्रतकों व घायलों को मुआबजा दिया जाये, हानि की भरपाई के नाम पर लगाया जारहा जजिया टैक्स रद्द किया जाये और लोकतान्त्रिक गतिविधियों को बाधित करने को लगायी गयी दफा 144 को फौरन हटाया जाये। संयुक्त बयान भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश, माकपा के राज्य सचिव डा॰ हीरालाल यादव एवं लोकतान्त्रिक जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जुबेर अहमद की ओर से जारी किया गया है।

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