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वेंकैया नायडू ने कनाडा सीनेट अध्यक्ष को बताया, अनुच्छेद 370 हटाना भारत का आंतरिक मामला



देश के उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने को लेकर भारत आए कनाडा सीनेट के अध्यक्ष जार्ज जे फ्यूरे को बताया कि यह भारतीय नागरिकों के कल्याण से संबंधित एक ‘आंतरिक प्रशासनिक निर्णय’ है और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार संसद के दोनों सदनों में भारी बहुमत के साथ यह निर्णय किया गया है। उपराष्ट्रपति के सचिवालय ने बयान जारी कर बताया कि भारत में फ्युरे का स्वागत करते हुए नायडू ने दोनों देशों के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय संसदीय संबंधों पर प्रसन्नता जाहिर की।

जब आगंतुक शिष्टमंडल के नेता ने जम्मू कश्मीर के घटनाक्रम पर उनका विचार जानना चाहा तो नायडू ने कहा कि अनुच्छेद 370 को अस्थायी प्रावधान के तौर पर समावेशित किया गया था और सीमाई इलाका होने के कारण यह पाकिस्तान और चीन के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, इस क्षेत्र में अलगाववाद को प्रायोजित किया गया था और बाहरी लोगों ने इसका इस्तेमाल किया था। अनुच्छेद 370 को संविधान में अस्थायी प्रावधान के तौर पर शामिल किये जाने को रेखांकित करते हुए नायडू ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को वापस लिया जाना भारतीय नागरिकों के कल्याण से संबंधित एक ‘आंतरिक प्रशासनिक निर्णय’ है और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार यह संसद के दोनों सदनों में भारी बहुमत के साथ यह निर्णय किया गया है। कनाडा के सीनेट अध्यक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की।

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