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दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में पांच हजार ऊंटों को मारी गोली



 ऑस्ट्रेलिया में बुशफायर ने जिंदगी और संपत्ति को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. लेकिन इस बुशफायर से भी खतरनाक कुछ ऐसा है जिसके बारे में जान आप भी सोचने लगेंगे कि पर्यावरण को लेकर हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में 5,000 ऊंटों को मौत के घाट उतार दिया गया है। हेलीकॉप्टर से प्रोफेशनल शूटर ने इन जंगली ऊंटों को मार गिराया।

दरअसल दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया सूखे की समस्या से गुजर रहा है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अबॉर्जिनल नेताओं ने कहा कि सूखे के चलते बड़ी संख्या में ऊंट गांवों की तरफ जा रहे हैं जिससे गांवों में मौजूद सीमित भोजन और जल संसाधनों पर खतरा मंडरा रहा था, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है ‎कि दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के लोग लगातार शिकायत कर रहे थे कि ये जानवर पानी की तलाश में उनके घरों में घुस जाया करते हैं। इसके बाद ही आदिवासी नेताओं ने 10,000 ऊंटों को मारने का फैसला किया।

इसके साथ ही नेताओं को चिंता है कि ये जानवर ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ा रहे हैं क्योंकि वो एक साल में एक टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर मीथेन का उत्सर्जन करते हैं। राष्ट्रीय कीट ऊंट प्रबंधन योजना का दावा है कि जंगली ऊंट की आबादी हर नौ साल में दोगुनी हो जाती है। वहीं ऊंट अधिक पानी पीते हैं और इस वजह से इन जंगली ऊंटों को मारने का फैसला किया गया है। कार्बन खेती के विशेषज्ञों ने कहा कि ये जानवर प्रति वर्ष कार्बनडाइआक्साइड के एक टन के प्रभाव से मीथेन का उत्सर्जन कर रहे हैं और यह सड़कों पर अतिरिक्त 4,00,000 कारों के बराबर है।

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