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करोड़ों की ठगी में गिरफ्तार हुआ यह लड़का, विराट से ऑडी खरीद कर गर्लफ्रेंड की थी गिफ्ट

करोड़ों की ठगी में गिरफ्तार हुआ यह लड़का, विराट से ऑडी खरीद कर गर्लफ्रेंड की थी गिफ्ट

मुंबई और अहमदाबाद के हाई प्रोफाइल कॉल सेंटर स्कैम का मास्टरमाइंड सागर ठक्कर उर्फ शैगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सागर ने कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी ऑफिसर बनकर अमेरिकियों से 30 करोड़ डॉलर की धोखाधड़ी की थी।


बता दें कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड को बर्थडे पर विराट कोहली की करीब ढाई करोड़ रुपए की ऑडी R-8 कार खरीदकर गिफ्ट की थी। इन कॉल सेंटर्स ने 6500 अमेरिकियों से एक साल में लगभग 500 करोड़ रुपए की ठगी की थी।


सागर ने विराट की ऑडी आर-8 कार 60 लाख रुपए में अहमदाबाद के एक शोरूम से खरीदी थी। जबकि विराट ने इसे लगभग 2.3 करोड़ रुपए में खरीदा था।


विराट ने कार के स्ट्रक्चर में खामी के कारण ये कार बेचने के बारे में सोचा था। ये कार 2012 का मॉडल है। इस डील के लिए सागर ने कैश पेमेंट किया था और दो इंस्टॉलमेंट में उसने पहले 40 और फिर 20 लाख रुपए चुकाए थे।


सागर ने ये कार अपनी गर्लफ्रेंड को गिफ्ट की थी और पुलिस ने ये HR 26 BW 0018 नंबर की कार हरियाणा से जप्त की थी। सागर के पास और भी कई लग्जरी कारें हैं लेकिन वो अहमदाबाद में ऑडीआर-8 खरीदने वाला पहला व्यक्ति था।


ठाणे पुलिस के कमिश्नर परमबीर सिंह के अनुसार सागर को दुबई से लौटते समय मुंबई एयरपोर्ट पर अरेस्ट किया। अक्टूबर में पुलिस की छापेमारी के बाद सागर दुबई भाग गया था और फिर कुछ दिन बाद वह थाईलैंड गया था और फिर दुबई आ गया था।


अरेस्ट करने के बाद मास्टर माइंड को कोर्ट में पेश किया और उसके बाद कोर्ट ने 13 अप्रैल तक के लिए सागर को पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस द्वारा रेड कार्नर नोटिस सिस्टम को शुरू करने के बाद दुबई में फरारी काट रहा सागर भारत लौटा और पकड़ा गया। सागर को कंप्यूटर और उसकी टेक्नोलॉजी के अलावा भारत और अमेरिका के लॉ की अच्छी नॉलेज है।


सागर ठाणे के आईटी पार्क में 2013 से यूनिवर्सल आउटसोर्सिंग सर्विसेज कॉल सेंटर से ठगी का धंधा चला रहा था। यूएस के इंटरनल रेवेन्यू सर्विसेज के फर्जी ऑफिसर बनकर कॉल सेंटर के कर्मचारी अमेरिकियों को फोन लगाते थे और उन पर टैक्स बकाया होने की बात कहकर डराते थे। इसके अलावा वो अमेरिकियों को नौकरी से हटाए जाने समेत कई तरह की धमकियां देते थे।


बताया जाता है कि इन कॉल सेंटर्स ने करीब 6500 अमेरिकियों से 239 करोड़ रुपए ठगे हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिकी 500 से 60,000 डॉलर (करीब 33 हजार से 39.92 लाख रुपए) तक देने को तैयार हो जाते थे।

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