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हत्यारोपी महिला ने थाने में फाड़ डाले कपड़े, शर्म से भाग गए पुलिस वाले

हत्यारोपी महिला ने थाने में फाड़ डाले कपड़े, शर्म से भाग गए पुलिस वाले

एकम मर्डर केस में रिमांड पर सात दिन रहने के बाद भी पुलिस सीरत से कुछ भी उगलवाने में नाकाम रही। पुलिस यही तर्क देती रही कि वो जांच में सहयोग नहीं कर रही है। 


बता दें कि सीरत पुलिस पर इस कदर हावी थी कि पुलिस कर्मी उसके पास जाने से भी डरते थे। सूत्रों के अनुसार हवालात में सीरत ने अपने बच्चों को मिलवाने की जिद्द करते हुए अपने कपड़े तक फाड़ दिए थे।


पुलिस हिरासत में सीरत छोटी सी बात पर भी अपने कपड़े फाड़ने की धमकी देती थी। यही कारण है कि पुलिस उससे कोई बड़ी बात नहीं उगलवा पाई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जब सीरत रिमांड पर थी उस दौरान उसने अपने बच्चों से मिलने की गुहार लगाई लेकिन ना तो पुलिस और ना ही उसके ससुराल वाले ऐसा करने को राजी थे।


बच्चों को मिलने के लिए सीरत इतनी भावुक हो गई थी कि उसने हवालात में ही चीखते चिल्लाते हुए अपने कपड़े फाड़ लिए। उसे इस हालत में देख थाने में मौजूद सभी पुलिस कर्मी बाहर आ गए थे।


बच्चों को मिलाने की जिद्द पर अड़ी सीरत को महिला कर्मियों ने अंदर जाकर ऐसा करने से रोका और उन्हें अलग से कपड़े पहनाए और वायदा किया कि उसे बच्चों से मिलाया जाएगा।
एसएचओ ने सीरत के ससुराल वालों को बच्चों से मिलाने के लिए फोन किया और पुरी घटना की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार सीरत को बच्चे दूर से दिखाए गए। थाने के मुख्य गेट पर बच्चों को दिखा कर वापिस ले गए थे। यहां बच्चे कौन लाया यह अभी तक साफ नहीं है।


ये है मामला
मोहाली में 19 मार्च को सूटकेस में एक लाश मिली थी। यह लाश फेज-3बी 1 की कोठी में 15 दिन पहले किराए पर रहने आए एकम ढिल्लों की थी। जिसे ढिल्लों की पत्नी सीरत दो बाय ढाई फुट के सूटकेस में डालकर BMW के जरिए ठिकाने लगाने जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद से सीरत कई बार अपने बयान बदल चुकी है। जिससे इस घटना की मिस्ट्री बनी हुई है।

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