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सरकार एमएसएमई की परिभाषा बदले - चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग

 एमएसएमई के मुद्दों को लेकर मीटिंग का आयोजन चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंगज के अध्यक्ष एस. उपकार सिंह आहूजा की अगुवाई में किया गया। जिसमें महासचिव पंकज शर्मा व सीआईसीयू के पैनलिस्ट भी शामिल हुए। जिन्होंने एमएसएमई के मुद्दों जैसे कि मंदी, भूजल, उच्च जीएसटी दरों, सरकार का कोई समर्थन न होने, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रौद्योगिकी की कमी आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार को एमएसएमई की परिभाषा बदलनी चाहिए, ताकि इकाइयां सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकें। एसएमई का विकास तब होता है, व जब वे नई तकनीकों, कम लागत वाले स्वचालन, उद्योग 4.0 और अन्य आधुनिक तरीकों को अपनाने की कोशिश करते हैं। 

पैनल ऑफ डिस्कशन में अश्वनी कुमार, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष (उत्तरी क्षेत्र), विवेक वर्मा, एमडी, स्क्वायर कॉर्पोरेशन, मुखिंदर सिंह, सीईओ , स्टेट इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एसईसीओ), विशाल बत्रा, रिटेल बिजनेस हेड, नॉर्थ आईसीआईसीआई बैंक, जेएस भोगल, वीपी, फार्मपार्ट्स कंपनी और श्री अमित थापर, गंगा एकरोल्स लिमिटेड शामिल थे, जिन्होंने ने एमएसएमई के लिए अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू व्यापार में उभरते रुझान और अवसरों के बारे में गहराई से चर्चा की और वर्तमान परिदृश्य पर अपने विचार भी साझा किए। मीटिंग के दौरान इंडस्ट्रियलिस्ट रजनीश आहूजा, अमरजीत सिंह अध्यक्ष एलएसएमडीसी, दीदारजीत सिंह, हनी सेठी, और चैंबर के अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद थे।

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