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गर्लफ्रेंड को करना है इम्प्रेस, तो केरल की वादियों में करे प्यार का इजहार!

कहते हैं बारिश का मौसम प्यार और रोमांस का मौसम होता है इस समय जब बारिश की फुहार पड़ती है तो हर कपल चाहता है इसमें भीग जाना बारिश का मौसम ना सिर्फ नए जोड़ों के लिए महत्वपूर्ण होता है बल्कि ऐसे लोगो के लिए भी जरूरी है जो अपना प्यार कहीं खो चुके हैं 


तो अगर आप भी चाहते हैं अपने प्यार में नै ताजगी लाना तो इस बार मानसून में ऐसी जगह ले कर जाइये अपने प्यार को जहां मानसून क फुहार आपके प्यार को ताजा कर दे, जी हां आज हम आपको ऐसी ही डेस्टिनेशन के बारे में बताएंगे जहां से मानसून में वाटरफाल्स देखने का अपना ही मजा है जी हां केरल की धरती अपने घने जंगल, नदी, पहाड़ और खूबसूरत झरनों के लिए जानी जाती हैं। यहां स्थित अनगिनत वाटरफॉल केरल को और भी खूबसूरत बना देते हैं



अथिराप्पिल्ली वॉटर फॉल्स- अथिराप्पिल्ली झरना चलाकुद्य नदी जो पश्चिमी घाट के स्रोत से निकलती है। यह शानदार झरना, नियाग्रा फाल्स ऑफ़ इंडिया भी कहा जाता है। चलाकुद्य नदी वाज़चुला वन विभाग से बहती है। यह झरना 24 मीटर की ऊंचाई से गिरता है और नीचे नदी में शामिल होजाता है। वहां पर छोटे रेस्तरां और पर्यटकों के आराम करने के लिए कॉफी की दुकानों है। 



अरुविखहुजी वाटरफॉल- यह झरना केरल राज्य में कोट्टयम में पल्लीरिकथोड से 2 किमी (1.2 मील) स्थित है,यह झरना करीबन 30 फुट ऊंचाई से गिरता है...लेकिन यह झरना सिर्फ मानसून के मौसम में ही देखा जाता हैअरुविखहुजी वाटरफॉल यह झरना केरल राज्य में कोट्टयम में पल्लीरिकथोड से 2 किमी (1.2 मील) स्थित है,यह झरना करीबन 30 फुट ऊंचाई से गिरता है...लेकिन यह झरना सिर्फ मानसून के मौसम में ही देखा जाता है



वाजहाचल झरना- अथिराप्पिल्ली के वर्षावन में शोलायार पर्वतमाला में स्थित है । यह अथिराप्पिल्ली झरना से पांच किमी और चलाकुद्द्य जंगलों से 36 किमी की दूरी पर है। झरने के सौंदर्य उन लोगों के लिए है जो शहर की तनावपूर्ण जीवन को पीछे छोड़ना चाहते हैं। इसकी धारा अथिराप्पिल्ली झरने के विपरीत है, क्यूंकि यह एक झरने की तरह कम बल्कि एक तेज़ बहती नदी की तरह लगता है। 


थुशरिग्रि फॉल्स यह झरण केरल राज्य के कोझीकोड जिले में स्थित है। यह झरना पश्चिमी घाट से बहने वाली दो नदियों से बनता है ,थुषागिरि शब्द का अर्थ बर्फ से ढकी हुई पर्वत है। यह झरना करीबन 75 मीटर (246 फीट) की ऊंचाई से गिरता है। पहाड़ों से गिरता ये झरना न सिर्फ़ देखने में मनमोहक है, बल्कि ये जगह रॉक क्लाइम्बिंग और ट्रैकिंग के लिए भी मशहूर है। 



सुचीपाड़ा प्रपात-  केरल के खूबसूरत और प्रसिद्ध झरनों में से एक सुचीपाड़ा प्रपात सेंटिनल रॉक झरने के रूप में भी जाना जाता है, यह झरना सदाबहार और मोंटेना के जंगलों से घिरा हुआ है।विशाल पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा, यह 100 फीट से 300 फीट की ऊंचाई से गिरता है। इस झरने के नीचे एक पूल है, जो राफ्टिंग और तैराकी के लिए उपयुक्त है।

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