Random Posts

विधायक का सेक्स वीडियो वारयल,सोशल मीडिया और चैनलों पर चला

विधायक का सेक्स वीडियो वारयल,सोशल मीडिया और चैनलों पर चला


असम में एक सेक्स वीडियो वायरल हो गया है। राज्य के तीन स्थानीय चैनलों ने वीडियो को प्रसारित कर दिया। इसके बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक शख्स आपत्तिजनक हालत नजर आ रहा है। कहा जा रहा है कि महिला के साथ जो शख्स नजर आ रहा है वह भाजपा विधायक रमाकांत देउरी है जो गुवाहाटी से 80 किलोमीटर दूर मोरीगांव विधानसभा सीट से विधायक हैं।

सेक्स वीडियो ने असम की राजनीति में हड़कंप मच गया है। मामला भाजपा आलाकमान तक पहुंच गया है। असम भाजपा अध्यक्ष रंजीत दास ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक हिस्सा की ओर से चलाए जा रहे वीडियो को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि देउरी के खिलाफ प्रसारित वीडियो पूरी तरह फर्जी है। इससे उनकी छवि प्रभावित हुई है। विधायक रमाकांत देउरी ने खुद को निर्दोष और वीडियो को विरोधियों की साजिश बता रहे हैं।

देउरी का कहना है कि वीडियो में जो शख्स महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख रहा है,वो मैं नहीं हूं। वीडियो स्वार्थ वश बनाया गया और मीडिया में बांटा गया। यह मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश का हिस्सा है,ऐसा मुझे बदनाम करने के लिए किया गया है। जब सै कैबिनेट के संभावित विस्तार में मेरा नाम शामिल किए जाने की चर्चा चल रही है तब से विरोधी मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। मैं झूठा प्रचार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। देउरी ने वीडियो को फर्जी बताते हुए फोरेंसिक टेस्ट की मांग की है। उन्होंने कहा, अगर आरोप साबित हो गए तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा।

देउरी ने असम विधानसभा अध्यक्ष के जरिए निजी चैनलों की निगरानी समिति को ज्ञापन देकर संबंधित चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह समित केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आती है। मोरीगांव के एसपी स्पप्निल डेका ने बताया कि देउरी ने 3 टीवी चैनलों के संपादकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब तक की जांच में पाया गया है कि 4 चैनलों को वीडियो की 4 सीडीज बांटी गई थी लेकिन 3 चैनलों ने ही इसे चलाया। कांग्रेस विधायक और विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने कहा,अगर वायरल हुआ कथित सेक्स वीडियो रमाकांत देउरी का है तो वह विधानसभा अध्यक्ष से निवेदन करेंगे कि जांच पूरी होने तक भाजपा विधायक को निलंबित किया जाए क्योंकि इस तरह के वीडियो से पूरी असम विधानसभा कलंकित हुई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ