2 सगे भाइयों ने की 2 सगी बहनों से शादी, बाद में खूबसूरत दुल्हनों का सच जानकर शॉक्ड रह गए घरवाले

एक साथ घर आईं दो दुल्हनों ने लूट लिया पूरा घर, दुल्हों ने कहा- 'प्यारी बातों में हम बहक गए'
शादी में जब लड़के और लड़की पक्ष में रुपयों का लेनदेन होता है तब वो शादी कोई रस्म नहीं बल्कि एक समझौता बन जाती है. मगर कभी-कभी गलती लड़के वालों ना होते हुए भी उन्हें सजा मिल ही जाती है और ऐसा ही हुआ राजस्थान के एक परिवार के साथ. आपने फिल्म डॉली की डोली तो देखी ही होगी, जिसमें एक दुल्हन (सोनम कपूर) शादियां करती है और अपने पिता के साथ मिलकर दुल्हों का घर लूटती हैं. ऐसा कुछ और फिल्मों में दिखाया जा चुका है लेकिन जब ऐसा असल जिंदगी में होने लगे तो इंसान को बहुत तकलीफ होती है क्योंकि वो अपनी पूंजी से तो जाता ही है साथ ही उसके अरमान भी मिट्टी में मिल जाते हैं. ऐसा मामला राजस्थान से आया जब एक साथ घर आईं दो दुल्हनों ने लूट लिया पूरा घर, इसके बाद दुल्हों का जवाब सुनकर आप भी कहेंगे इससे अच्छा शादी ही ना होती.

एक साथ घर आईं दो दुल्हनों ने लूट लिया पूरा घर

राजस्थान के जयपुर में स्थित एक गांव में रहने वाले गजानंद ने अलवर के रहने वाले चौथमल से उनके दोनों भाईयों की शादी की बात अपनी पहचान की दो लड़कियों से करने के लिए संपर्क किया. चौथमल अपने दोनों भाईयों के साथ के साथ अलवर स्थित सुरेश सैनी (लड़कियों का भाई) के घर पहुंचे और दोनों लड़कियों से अपने भाईयों रामनारायण और राजेश से मिलवाया. चौथमल ने इस शादी के लिए सुरेश के सामने 11 लाख रुपये की डिमांड की और फिर 19 फरवरी को एक मैरिज गार्डन में अपने भाईयों की शादी उन लड़कियों से करवा दी. सौदे के हिसाब से सुरेश ने 11 लाख रुपये चौथमल को दिए और समारोह में 9 लाख रुपये भी खर्च हुए. शादी के एक और दो दिन तो अच्छे से बीते लेकिन शादी के ठीक 4 दिन के बाद अपने पतियों के दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया. जब दोनों दुल्हे बेहोश हो गये तब दोनों दुल्हनों ने अपने भाई के दिए 11 लाख, शादी में खर्च 9 लाख, कुछ रुपये और सारे गरने लेकर रफुचक्कर हो गईं.
चौथमल ने गजानंद, सुरेश और उन महिलाओं के खिलाफ हरमाड़ा स्थित थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी है. पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज कराके आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है. दुल्हे रामनारायण और राजेश ने बताया कि पहले दिन दोनों ने प्यार से बात की, दूसरे दिन भी सब ठीक रहा इसलिए महिला होने के नाते भईया ने घर की चाबियां उन्हें दे दीं. फिर चौथे दिन उन्होने हमें दूध पीने को दिया और उसमें नशीला पदार्थ मिला दिया था. इसके बाद जैसे हमने वो दूध पिया हम बेहोश हो गए और जब सुबह होश आया तो घर का सामना बिखड़ा पड़ा था और वो दोनों भी घर पर नहीं थी फिर हम दोनों समझ गए कि हमारे साथ धोखा हुआ है.

इससे पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कई वारदातें

लुटेरी दुल्हनों का आतंक आज का नहीं है इससे ना जाने कितने परिवार दुखी हो चुके हैं. दलालाों या फिर अज्ञात मैरिज ब्यूरो के माध्यम से जो लोग शादी करते हैं उनके साथ ऐसा होता है. प्रदेश में पिछले तीन सालों में ऐसे करीब 100 केस आ चुके हैं, जिनमें 2 करोड़ पुपये और जेवरात लूटे जाने का दर्ज है. पिछले साल भाजपा सरकार के दौरान विधानसभा में भी लुटेरी दुल्हनों की गूंज सुनाई दी थी. इस समय वहां के विधायक नंदकिशोर महरिया ने लुटेरी दुल्हनों का मामला उठाया छा और तत्कालीन गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने सदन में बताया कि दलालों के जरिए दूसरे प्रदेशों से लड़कियां शादी करने यहां आती हैं और ऐसे कई मुकद्दमें पुलिस के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं.